377 ओबीसी से संबंधित संविधान 127 वां संशोधन विधेयक पारित, हंगामे की भेंट चढ़ा मॉनसून सत्र, व्यवधान के कारण 96 घंटे में करीब 74 घंटे कामकाज नहीं हो सका, पेगासस जासूसी,3 कृषि कानूनी मुद्दों पर विपक्षी दलों के हंगामे के कारण लोकसभा में महज 22% काम, राज्यसभा में 76 घंटे बर्बाद: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला- CRIME BHASKAR NEWS.COM-EDITOR UMESH SHUKLA


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नई दिल्ली| पेगासस जासूसी मामले और तीन कृषि कानूनों सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के हंगामे के कारण लोकसभा में जहां मात्र 22 प्रतिशत वहीं राज्यसभा में महज 28 प्रतिशत ही कामकाज हो पाया।संसद में पूरे सत्र के दौरान गतिरोध बना रहा हालांकि राज्यों को अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची बनाने का अधिकार देने संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पर दोनों सदनों में सभी विपक्षी दलों ने चर्चा में भाग लिया।मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा ने वर्ष 2021-22 की अनुदान की अनुपूरक मांगें- प्रथम खंड और वर्ष 2017-18 की अनुदान की अतिरिक्त मांगें और इनसे संबंधित विनियोग विधेयकों को मंजूरी दी। निचले सदन में अन्य पिछड़ा वर्गों से संबंधित संविधान (127वां संशोधन) विधेयक, दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता संशोधन विधेयक 2021, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंध आयोग विधेयक 2021 भी पारित हुए। 

     
                          सदन ने कराधान विधि संशोधन विधेयक 2021, अधिकरण सुधार विधेयक 2021, अनिवार्य रक्षा सेवा विधेयक 2021, राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंध संस्थान विधेयक 2021, भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण संशोधन विधेयक 2021, साधारण बीमा कारोबार राष्ट्रीयकरण संशोधन विधेयक, केंद्रीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2021, राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (संशोधन) विधेयक 2021, राष्ट्रीय भारतीय आयुर्विज्ञान प्रणाली आयोग (संशोधन) विधेयक 2021, निक्षेप बीमा एवं प्रत्यय गारंटी निगम (संशोधन) विधेयक 2021 तथा सीमित दायित्व भागीदारी (संशोधन) विधेयक, 2021 को भी मंजूरी दी।  9 जुलाई से शुरू हुआ मॉनसून सत्र अपने पूर्व निर्धारित समय से दो दिन पहले ही बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सुबह कार्यवाही शुरू होने पर बताया |

                    सत्र के दौरान संविधान (127वां संशोधन) विधेयक सहित कुल 20 विधेयक पारित किये गए। चार नये सदस्यों ने शपथ ली। बिरला ने बताया कि मॉनसून सत्र के दौरान 66 तारांकित प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिये गए और सदस्यों ने नियम 377 के तहत 331 मामले उठाए। उन्होंने कहा कि इस दौरान विभिन्न स्थायी समितियों ने 60 प्रतिवेदन प्रस्तुत किये, 22 मंत्रियों ने वक्तव्य दिये और काफी संख्या में पत्र सभापटल पर रखे गए। राज्यसभा में आज सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने से पहले करीब छह घंटे तक चर्चा कर ओबीसी से संबंधित संविधान (127 वां संशोधन) विधेयक को पारित किया गया। हालांकि इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने विभिन्न मुद्दे पर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के बीच तीन और विधेयकों को पारित किया गया। इसके बाद उपसभापति हरिवंश ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। 


     

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